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लक्ष्मी-गणेश पूजन विधि – दिवाली पूजा

दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजन की सरल विधि

दिवाली की रात माँ लक्ष्मी और भगवान गणेश का पूजन घर में सुख, समृद्धि और शांति के लिए किया जाता है। यहाँ घर पर की जाने वाली लक्ष्मी-गणेश पूजन विधि सरल चरणों में दी गई है, ताकि पहली बार पूजा करने वाले भी इसे आसानी से कर सकें।

पूजन से पहले तैयारी

  • पूरे घर की सफाई करें और मुख्य द्वार पर रंगोली व तोरण लगाएँ।
  • ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) या पूजा स्थान पर चौकी रखें और उस पर लाल या पीला वस्त्र बिछाएँ।
  • चौकी पर लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। गणेश जी को लक्ष्मी जी के दाईं ओर रखें।

पूजन सामग्री

कलश, जल, रोली, चावल (अक्षत), हल्दी, फूल-माला, कमलगट्टा, धूप, दीपक (घी व तेल), खील-बताशे, मिठाई, फल, सिक्के, पान-सुपारी और लाल वस्त्र।

लक्ष्मी-गणेश पूजन विधि (चरण-दर-चरण)

  1. स्वयं पर और सामग्री पर जल छिड़ककर पवित्रीकरण करें।
  2. कलश स्थापित करें और हाथ में जल-अक्षत लेकर संकल्प लें।
  3. सबसे पहले गणेश जी का पूजन करें, फिर माँ लक्ष्मी का।
  4. रोली, अक्षत, फूल, धूप-दीप और नैवेद्य अर्पित करें।
  5. “ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद” या “ॐ महालक्ष्म्यै नमः” मंत्र का जाप करें।
  6. अंत में आरती करें और पूरे घर में दीपक जलाएँ।

पूजन का शुभ मुहूर्त हर वर्ष अलग होता है, इसलिए अपने शहर के अनुसार प्रदोष काल और स्थिर लग्न का समय अवश्य देखें।

पूजन के बाद क्या करें

  • पूजा के बाद घर के हर कमरे, रसोई, तुलसी के पास और मुख्य द्वार पर दीपक रखें।
  • तिजोरी या धन रखने के स्थान पर रोली से स्वास्तिक बनाकर पूजन करें।
  • परिवार के साथ प्रसाद बाँटें और घर के बड़ों का आशीर्वाद लें।

लक्ष्मी-गणेश पूजन में ध्यान रखने योग्य बातें

पूजा करते समय मन शांत रखें और घर का वातावरण स्वच्छ व सुगंधित रखें। पूजा में टूटे चावल या मुरझाए फूल न चढ़ाएँ। मुख्य दीपक रात भर जलता रहे, इसके लिए उसमें पर्याप्त घी या तेल रखें। जो लोग पहली बार पूजा कर रहे हैं, वे ऊपर दी गई लक्ष्मी-गणेश पूजन विधि को क्रम से पढ़कर बिना किसी उलझन के पूजा कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या पंडित के बिना घर पर पूजा कर सकते हैं?
हाँ, श्रद्धा और शुद्धता के साथ परिवार का कोई भी सदस्य यह पूजा कर सकता है।

पहले गणेश जी की पूजा क्यों की जाती है?
गणेश जी प्रथम पूज्य हैं, इसलिए हर शुभ कार्य उनकी पूजा से शुरू होता है।

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