छठ पूजा सूर्य देव और छठी मैया की उपासना का महापर्व है। यह बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा लोकपर्व है, जिसमें व्रती लगभग 36 घंटे का निर्जला व्रत रखते हैं।
छठ पूजा के चार दिन
- नहाय-खाय: स्नान के बाद शुद्ध सात्विक भोजन (कद्दू-भात, चने की दाल) ग्रहण किया जाता है।
- खरना: दिनभर व्रत के बाद शाम को गुड़ की खीर और रोटी का प्रसाद बनता है। इसके बाद निर्जला व्रत शुरू होता है।
- संध्या अर्घ्य: डूबते सूर्य को नदी या तालाब के घाट पर अर्घ्य दिया जाता है।
- उषा अर्घ्य: अगली सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाता है।
व्रत के मुख्य नियम
- पूरे पर्व में शुद्धता और सात्विकता का विशेष ध्यान रखें।
- प्रसाद (ठेकुआ, फल, गन्ना) नए या शुद्ध बर्तनों में बनाएँ।
- व्रती भूमि पर शयन करते हैं और व्रत के दौरान क्रोध व कटु वचन से बचते हैं।
छठ की तिथि और अर्घ्य का समय हर वर्ष पंचांग के अनुसार बदलता है। सही समय के लिए अपने स्थानीय पंचांग या हमारे YouTube चैनल पर दी गई जानकारी देखें।
छठ पूजा का महत्व
मान्यता है कि छठी मैया संतान की रक्षा करती हैं और सूर्य देव आरोग्य, ऊर्जा और समृद्धि देते हैं। इसलिए यह व्रत परिवार की सुख-शांति और संतान के कल्याण के लिए किया जाता है। छठ पूजा की एक विशेषता यह है कि इसमें डूबते और उगते, दोनों सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। यह पर्व प्रकृति, जल और सूर्य के प्रति कृतज्ञता का भी प्रतीक है।
पूजा सामग्री
बाँस का सूप और दउरा, ठेकुआ, गन्ना, केला, नारियल, सिंघाड़ा, मूली, हल्दी और अदरक के पौधे, दीपक, सिंदूर, चावल, फूल, और अर्घ्य के लिए दूध व जल।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
छठ पर्व साल में कितनी बार आता है?
मुख्य छठ कार्तिक शुक्ल षष्ठी को होती है। चैत्र मास में भी छठ मनाई जाती है, जिसे चैती छठ कहते हैं।
क्या पुरुष भी छठ व्रत रख सकते हैं?
हाँ, महिलाएँ और पुरुष दोनों श्रद्धा से यह व्रत रखते हैं।
संबंधित लेख: दिवाली लक्ष्मी-गणेश पूजन विधि | सभी व्रत-त्योहार | छठ (विकिपीडिया)
अपनी कुंडली के अनुसार मार्गदर्शन चाहिए? गुरुजी से परामर्श बुक करें या WhatsApp करें।
Dr. Acharya Dharmendra Shastri से परामर्श लें
कुंडली, विवाह, करियर, ग्रह-दोष या पूजा से जुड़ा कोई प्रश्न है? सिद्ध ज्योतिष केंद्र, लखनीपुर (अरेराज) से फ़ोन, वीडियो या WhatsApp पर व्यक्तिगत परामर्श लें।
परामर्श बुक करें WhatsApp: +91 82350 84800
और वीडियो देखें: YouTube @Saubhagyapath
